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Friday, July 30, 2010

श्री सिन्थेटिक्स की जमीन शासन की -कोलकाता हाईकोर्ट का फैसला, जमीन बेचकर देने वाले थे पैसा

श्री सिन्थेटिक्स की जमीन शासन की -कोलकाता हाईकोर्ट का फैसला, जमीन बेचकर देने वाले थे पैसा
उज्जैन, 30 जुलाई (डॉ. अरुण जैन)। प्रदेश की अन्य कपड़ा मिलों की तरह ताला बन्दी की शिकार हुई उज्जैन की श्री सिन्थेटिक्स मिल की 115 एकड़ जमीन के मामले में कोलकाता हाईकोर्ट में ऐतिहासिक फैसला देते हुए जमीन पर राज्य सरकार का अधिकार बताया। मिल परिसमापक की मंशा थी कि जमीन बेचकर बकायादारों की राशि का भुगतान किया जाए। प्रदेश सरकार ने कंपनी के इरादे का विरोध किया और 2008 मेंे कोलकाता हाईकोर्ट में वाद दायर किया था।
सरकार की ओर से वरिष्ठ अ?ाभाषक मनोज मुंशी ने तर्क रखा कि जमीन औद्योगिक उपयोग के लिए दी गई थी। उद्देश्य खत्म होने के बाद उसे वापस शासन को सौंपा जाना चाहिए। इससे सहमत होते हुए जस्टिस आईपी मुखर्जी ने 19 जुलाई को फैसला दिया कि परिसमापक मप्र सरकार को मिल की जमीन लौटाए तथा उक्त जमीन पर स्थित भवन, मशीनों की सिलेण्डर वैल्यू और शतेZ तय करने के लिए सरकार के अधिकारियों के साथ इन्दौर या कोलकाता में बैठक करें। उषा दोषी ने भी सरकार की ओर से पैरवी की।

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